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गाँव में रबी, खरीफ व धन देने वाली फसल का उत्पादन होता है।

गाँव में रबी, खरीफ व धन देने वाली फसल का उत्पादन होता है। देश में हरित क्रांति में जब से बिजली का आगमन हुआ तो किसानों के साथ खेती से जुडे लोगों की स्थिति ही बदल गई। इसके बाद खेतों में ट्यूब वेल लगे और किसानों नें खरीब की फसल के साथ ही रबी की फसल का भी उत्पादन करना शुरू किया। गाँव की अधिकांश कृषि भूमि पर रबी की फसल होने लगी। गांव में रबी की फसल में गैहूं,चना,जौ,मैथी,सरसों आदि फसलों का उत्पादन होता है। खरीफ की फसल में बाजरा, मूंग, ज्वार, बाजरा,  आदि फसलों का उत्पादन किया जाता है। फसल में प्याज,लहसून,जीरा,धनिया आदि फसलों के साथ विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन किया जाता है। पिछले कई सालों के मुकाबलें किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई तथा उनके रहन सहन में बदलाव हुआ है।

प्रधान/सदस्य

पंचायत कार्यालय : लूठाकलाँ, छितौना
पंचायत में कुल वार्ड : 15
प्रधान: गुलाब सोनकर
शिक्षा: स्नातक
सचिव: सर्व कुमार
पंचायत सदस्य:

शिक्षा केंद्र

प्राइमॅरी विधालयों की संख्या
01
माध्यमिक विधालयों की संख्या
01
इंटर कॉलेजों की संख्या
00
डिग्री कॉलेजों की संख्या
00
आँगन बाड़ी केंद्रों की संख्या
04
पौंड शिक्षा केंद्रों की संख्या 00
रात्रि शिक्षा केंद्रों की संख्या
00
कंप्यूटर शिक्षा केंद्रों की संख्या
00
तकनीकी शिक्षा केंद्रों की संख्या
00
अध्यापकों की संख्या
03
अध्यापीकाओं की संख्या
03
शिक्षा मित्रों की संख्या
01
प्रधानाचार्यों की संख्या
01
छात्रों की संख्या
300
छात्राओं की संख्या
200

कृषि कार्य

गाँव में रबी, खरीफ व धन देने वाली फसल का उत्पादन होता है। देश में हरित क्रांति में जब से बिजली का आगमन हुआ तो किसानों के साथ खेती से जुडे लोगों की स्थिति ही बदल गई। इसके बाद खेतों में ट्यूब वेल लगे और किसानों नें खरीब की फसल के साथ ही रबी की फसल का भी उत्पादन करना शुरू किया। गाँव की अधिकांश कृषि भूमि पर रबी की फसल होने लगी। गांव में रबी की फसल में गैहूं,चना,जौ,मैथी,सरसों आदि फसलों का उत्पादन होता है। खरीफ की फसल में बाजरा, मूंग, ज्वार, बाजरा,  आदि फसलों का उत्पादन किया जाता है। फसल में प्याज,लहसून,जीरा,धनिया आदि फसलों के साथ विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन किया जाता है। पिछले कई सालों के मुकाबलें किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई तथा उनके रहन सहन में बदलाव हुआ है।

 

कृषि विभाग की योजना:

  • माइक्रो मैनेजमेंट
  • आइसोपाम
  • कृषि सांखियकी सुधार योजना
  • कपास योगदान
  • फसलों के क्षेत्रफल एवं उत्पादन आँकड़े
  • फसल बीमा योजना
  • कृषक प्रक्षेत्रों पर प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश कृषि विभाग

संसाधन / सुभिधाएँ

प्रकतिक संसाधन व्यक्तिगत संसाधन मानव संसाधन सांस्कृतिक संसाधन
तालाबों की संख्या: 01
हॅंडपंप की संख्या: 100
मजदूरों: 45 प्रतिशत कार्यक्रम भवन: नही
नदियों की संख्या:00 कुएँ: 02
किसान: 40 प्रतिशत कुर्शी: 10
झीलों की संख्या:00 पानी की टंकी: 00
नौकरी: 15 प्रतिशत टेबल: नही
    आशा कार्यकर्ताओं की संख्या: 04
दरी: नही

सुभिधाएँ

स्वास्थ यातायात
स्वास्थ केंद्र : 01
डॉक्टर एम.बी.बी.एस. : 00
डॉक्टर सामान्य : 02
ए.एन.एम. कार्यकर्ता : 02

गाँव पंचायत से आने जाने के लिए कच्ची-पक्की सड़के बनी है
यहाँ से सरकारी, प्राइवेट बसें, टैक्सी, आदि मिल जाते है
और लोगों के पास अपने साधन भी है जिससे वे आने-जाने
के उपयोग में लेते है जैसे: बाइक, स्कूटर कार आदि!


 

अपेक्षाएँ
कंप्यूटर की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ
टेलीविज़न की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ
एंबुलेंसे होनी चाहिए: हाँ
रेफर अस्पताल की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ
सामुदायिक शौचालय की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ
पी.सी.ओ. की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ
हॅंडपंप की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ
बिजली की शुभिधा की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ
बॅंक की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ
सरकारी बोरिंग की शुभिधा की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ
पुलिस चौकी की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ
पानी की टंकी की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ

विकास कार्य

 

ग्राम पंचायत के द्धारा सभी गाँव में पुल / पुलिया का निर्माण एवं मरम्मत का कार्य, सड़क निर्माण, गाँवों में हॅंडपंप लगवाना, वृक्षारोपण कराना, भवन निर्माण आदि का कार्य किया जा रहा है ताकी गाँव वालों को किसी की कमी ना हो यही ग्राम पंचायत का उद्देश्य है!

गाँव पंचायत

पंचायत शासन

प्रधान एवं सदस्य
ग्राम सभा
ग्राम समिति
बी. पी. एल. / ए. पी. एल.
राजस्व
राशन कार्ड
प्रमाण पत्र